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शबे बारात में कब्रिस्तान जाना सुन्नत है -

शबे बरात में कब्रस्तान जाना सुन्नत है|
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ
उम्मुल मोमिनीन सैयदा हज़रत आयशा सिद्दीका रज़ियल्लाहु अन्हा फ़रमाती हैं कि एक रात महबूबे किबरिया सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मरे पास से अचानक चले गये। जब मुझे मालूम हुआ तो मैं आपकी तलाश में निकली। अचानक मैंने आपको जन्नतुल बकी  में मौजूद पाया। 
उस वक़्त आपका सर मुबारक आसमान की तरफ था। जब आपने मुझे देखा तो फ़रमाया आयशा ! रज़ियल्लाहु तआला अन्हा क्या तुझे यह खौफ़ हो गया था कि खुदा और उसकी रसूल तुझ पर जुल्म करेगा। तो मैंने अर्ज की कि मैंने यह ख्याल किया था कि शायद आप किसी अपनी दूसरी बीवी के पास तशरीफ ले गये हैं। 
आपने फ़रमाया कि अल्लाह तआला पंद्रहवीं शाबान की रात में  लोगों की तौबा कुबूल करता हैं और इस रात में इस कद्र लोगों के गुनाह माफ फ़रमाता है कि उनकी तादाद बनी कलब के कबीला की बकरियों से ज़्यादा होती है।
📓तीन नूरानी रातें-25

बिरादराने इस्लाम ! शब-ए-बरात आने वाली है। तौबा करने की रात ,बन्दगी करने की रात ,मगफीरत की रात ,अल्लाह की बारगाह में दुआ करने की रात। 
ये वो मुकद्दस रात है बनी-ए-कल्ब की बकरियों के जितने भी बाल हैं उससे भी ज्यादा अल्लाह अपने गुनाहगार बन्दों को बख्श देता है। हम हर साल ये रात मस्जिद में गुजारते हैं। मगरीब की नमाज से ही बन्दगाने खुदा दरे करीम पर हाजिर हो जाते हैं और इबादत में मशगुल हो जाते हैं । इस रात में कब्रिस्तान की हाजरी भी हमारे अमल में शामिल है। 
लेकिन इस साल ये मुकद्दस रात मस्जिद के रूहानी माहौल में नहीं गुजार सकेगे। इसलिए की कोरोना वायरस की वजह से मस्जिदें बंद रहेंगी और पूरे मुल्क में लॉकडाउन और दफा 144 लगी हुई है ,जिसकी बुनियाद पर हम ना अपने घरों से निकल सकते हैं ना ही मस्जिदों में भीड़ जमा कर सकते हैं। 
🙏🏻मेरी तमाम मुसलमानों से गुजारिश है कि आप हजरात लॉकडाउन व दफा 144 का पूरा-पूरा ख्याल रखते हुए घरों से ना निकलें। पुलिस प्रशासन भी इस रात घरों से बाहर निकलने वालों तथा मस्जिद में भीड़ एकत्रित करने वालों के खिलाफ सख्ती से काम लेंगी। इसलिए आप कानून की खिलाफवर्जी ना करें और ये मुकद्दस रात अपने घरों में गुजारें और 
मुझे उम्मीद है कि इस साल हमारी इबादतें ,नमाज ,रोजा ,जिक्र ,दुआएं बहुत रिक्कत ( भावुक ) होंगी। 
अल्लाह की बारगाह में दुआ मांगे  ए अल्लाह हमें और तमाम लोगों को कोरोना वायरस से निजात अता फरमा। हमारे शहर ,हमारे सूबा ,हमारे वतने अजीज हिन्दुस्तान और पूरी दुनिया से इस बीमारी का खात्मा फरमा दे। आमीन ! 
नोट:- 14-15 शाबान ( मुताबिक 9 व 10 अप्रेल ,जुम्मेरात व जुम्मा ) को रोजा रखने का एहतमाम करें।
_✍🏻 बाक़ी अगली पोस्ट में..ان شاء الله_
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मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, 
गर होजाए यक़ीन के.....
अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...
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